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कर्मवीर सिरोवा

कर्मवीर सिंह

कमलेश

25 मई, 1991

बारे में


कर्मवीर सिरोवा जी का जन्म राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले के समीप बुडाना गाँव में हुआ। वे किशोरावस्था से ही तुकबंदी लगाकर दो चार पंक्तियाँ लिख लिया करते थे। पढ़ाई में औसत दर्ज़े का विद्यार्थी हुआ करते थे। कक्षा 10 गाँव के ही सरकारी विद्यालय में द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण की, उसी साल विद्यालय में अनुशासन पर पुरस्कार मिला, जीवन को नया आयाम मिला, प्रेरणा मिली।

कॉलेज में आने के बाद कुछ लिखना शुरू किया। पहली रचना नज़रिया नाम से लिखी तो बड़े भाई डॉ अनिल सिरोवा और उसके साथियों ने ख़ूब सराहा, उसके बाद और प्रेरणा मिली।

2012 में सेठ मोतीलाल टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में द्विवर्षीय शिक्षण प्रशिक्षण दाख़िला मिला, वहाँ बहुत सारे मित्रों ने उनकी टूटी फूटी पंक्तियों को ख़ूब प्रेम दिया और इसके साथ ही उनका साहित्यिक मोह बढ़ने लगा।
सिरोवा जी ज़्यादातर शृंगार रस पर लिखते है।

कर्मवीर जी को 2019 में सरकारी क्षेत्र में एक शिक्षक के रूप में सेवा का मौक़ा मिला।


ग़ज़ल (4)



नज़्म (9)



कविता (10)



आलेख (1)



            

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