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राघवेंद्र सिंह

राघवेंद्र सिंह

16 अप्रैल, 1993

बारे में


राघवेंद्र सिंह का जन्म 16 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी के नहरवल ग्राम में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता श्री राजेंद्र कुमार वर्मा पेशे से किसान हैं। उनकी माता श्रीमती सरिता वर्मा गृहणी हैं। वे दो भाई और एक बहन में सबसे बड़े हैं। इनके परिवार में तीन चाचा भी हैं। संयुक्त परिवार में पले बढ़े होने के कारण इन्हें संस्कार यहीं से प्राप्त हुए।

राघवेंद्र सिंह ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा विज्डम वे प्रोग्रेसिव इंटर कॉलेज़ चिनहट लखनऊ से प्राप्त की। ये अपनी शिक्षा दीक्षा का श्रेय अपने चाचा श्री संतोष कुमार वर्मा को देते हैं जो कि एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। बारहवीं उत्तीर्ण करने के बाद इन्होंने राजकीय पॉलीटेक्निक बाराबंकी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूर्ण कर हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड लखनऊ में एक वर्षीय प्रशिक्षण पूर्ण किया। और साथ ही साथ अपनी शिक्षा जारी रखी। हिन्दी विषय में अत्यंत रुचि और साहित्य में रुचि होने के कारण आगे इन्होंने छत्रपति शाहूजी जी महाराज कानपुर विश्वविद्यालय से हिन्दी विषय में स्नातक किया और पठन पाठन में रुचि होने के कारण इन्होंने स्नातक के बाद प्रारम्भिक शिक्षा में डिप्लोमा पूर्व नाम बी॰ टी॰ सी॰ का प्रशिक्षण रामा महाविद्यालय चिनहट, लखनऊ से पूर्ण किया। वर्तमान में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। अपने साहित्यिक गुरु के रूप में डॉ॰ कुमार विश्वास जी को मानते हैं। बचपन से ही साहित्य के प्रति अगाध प्रेम होने के कारण आज 300 से अधिक रचनाओं को संकलित कर माँ हिन्दी की सेवा में अनवरत प्रगतिशील हैं।

राघवेंद्र सिंह जी के बचपन से ही प्रिय कवि रहे सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' जी जिनके त्याग तपस्या और हिन्दी के प्रति अगाध प्रेम से राघवेंद्र जी के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा। इसके अलावा महादेवी वर्मा, मैथिलीशरण गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी और रामधारी सिंह दिनकर जी इनके प्रिय कवियों में सम्मिलित हैं।

लेखन विषयों की बात करें तो ये प्रकृति का सजीव वर्णन करने, देशप्रेम के गीतों, ऐतिहासिक परिदृश्य को कविता में पिरोने, और प्रेरणादायक संबंधी अलग हटकर नए विषयों पर काव्य संकलन करना अच्छा लगता है। अपनी पहली कविता के रूप में इन्होंने 2019 में उत्तम मित्र कविता का संकलन किया। उसके बाद कविता, गीत, कहानी, दोहे, प्रेरक विचार आदि क्षेत्र में लेखन जारी रखा।
इनकी रचनाओं को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया है। और लेखन के क्षेत्र में विभिन्न प्रमाण पत्र एवं सम्मान प्राप्त हुए।

लेखन के अलावा किताबें पढ़ना, चित्रकारी, गायन आदि क्षेत्रों में भी रुचि रखते हैं।
लेखन के क्षेत्र में इनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राइजिंग विक्रमादित्य फिल्म्स एवं क्षितिज Where Dreams Meet Reality द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की लिरिक्स प्रतियोगिता Lyrical Maestro 2020 के विजेता के रूप में हुई। और आने वाली बॉलीवुड मूवी मोहल्ला z में बतौर गीतकार के रूप में दिल्ली में आयोजित आयोजन बॉलीवुड डॉयरेक्टर, एक्टर, कुनाल वी सिंह द्वारा प्रमाण पत्र प्राप्त किया।

इसके साथ साथ अपना लेखन कार्य जारी रखा और "नाम आया है" और "जपो शंकरा" गीतों में बतौर सहायक गीतकार के रूप में अपने लिरिक्स दिए।

माँ हिन्दी की सेवा में अनवरत अपनी लेखनी को जारी कर साहित्य सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।


कविता (31)



            

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