प्याज छीलने वाले को
संदेह था कि–
छिलके के नीचे छिलका होगा।
और प्याज को ये भ्रम है कि–
छिलका परत दर परत होगा।
एक छीलता है तो
दूसरा छिलता है।
अंत में दोनों को
कुछ भी नहीं मिलता है।
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