साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3588
कटनी, मध्य प्रदेश
1966
धूल, धुआँ, आँधी चले, नदी छोड़ती कूल। पावस रही सुधारती, गर्मी की यह भूल।।
अगली रचना
साहित्य और संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है। आपके द्वारा दिया गया छोटा-सा सहयोग भी बड़े बदलाव ला सकता है।
रचनाएँ खोजने के लिए नीचे दी गई बॉक्स में हिन्दी में लिखें और "खोजें" बटन पर क्लिक करें