साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3604
अहमदाबाद, गुजरात
1954
लौट रहा था फूलों की घाटी से जब सवार था मैं जिस घोड़े पर वो लुढका मैं ने सोचा उसे भी शायद घर की याद ने घेर लिया है!
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