सीय हरी जब रावण सिंधु को लांघि मिलाए दिए बजरंगी।
रावण के अभिमान गुमान का लंक जलाए दिए बजरंगी॥
प्रश्न उठा जब राम की भक्ति प्रमाण दिखाए दिए बजरंगी।
फाड़ के वक्ष सिया संग राम के दर्श कराए दिए बजरंगी॥

साहित्य और संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है। आपके द्वारा दिया गया छोटा-सा सहयोग भी बड़े बदलाव ला सकता है।
सहयोग कीजिएप्रबंधन 1I.T. एवं Ond TechSol द्वारा
रचनाएँ खोजने के लिए नीचे दी गई बॉक्स में हिन्दी में लिखें और "खोजें" बटन पर क्लिक करें
