साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3615
करौली, राजस्थान
1954
जीवन के अंत में अचानक दिखाई देंगी हमें अपनी कुछ कारगुज़ारियाँ अरे हमें ख़ुद कभी पता नहीं चल पाया कि हम एक बेहतर दुनिया के लिए जिए थे।
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