साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3588
आगरा, उत्तर प्रदेश
1797 - 1869
कब वो सुनता है कहानी मेरी, और फिर वो भी ज़बानी मेरी।
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