साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3595
एटा, उत्तर प्रदेश
1253 - 1325
ख़ुसरो रैन सुहाग की, जागी पी के संग। तन मेरो मन पीउ को, दोउ भए एक रंग।।
साहित्य और संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है। आपके द्वारा दिया गया छोटा-सा सहयोग भी बड़े बदलाव ला सकता है।
रचनाएँ खोजने के लिए नीचे दी गई बॉक्स में हिन्दी में लिखें और "खोजें" बटन पर क्लिक करें