जो उनकी दलाली में देश को भूल बैठे हैं
मैं उनमें से नहीं हूँ
मोर्चे पर शहीद हो जाने वालों की सूची में
मैं अपना नाम दर्ज़ देखना चाहता हूँ
मैं चुटकुले बाज़ों की तरह वाह-वाह नहीं चाहता
मेरे शब्द जब सुने जाएँ, उनमें अगर अग्नि नहीं
मैं उन्हें घूरे पर फेंक देना चाहता हूँ
मैं शब्दों कि किसी पुरस्कार के लिए नहीं
तारीख़ में लड़ाई का हिस्सा बनाना चाहता हूँ।

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