गंध के धनुष खींचे आ गए
मौसम के फूल।
फूल जो लुभाते हैं,
प्राण तक चुराते हैं।
कानों में मंत्र गीत गा गए
मौसम के फूल।
रंग के कथानक हैं,
उत्सव के मानक हैं।
दिशा-दिशा में कैसे छा गए
मौसम के फूल,
गंध के धनुष खींचे आ गए
मौसम के फूल!

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