पेपरवेट (कविता)

पेपरवेट
कितनी तेज़ हवा चल रही थी उस समय.

अगर तुम्‍हारा एक आंसू
इस काग़ज़ पर न पड़ा होता
तो यह कब का उड़ चुका होता.


लेखन तिथि : 26/10/2026
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