भारत मातृभूमि तुझे नमन,
नमन तिरंगा शान तुम्हारा।
कल आज और कल का भारत,
चहुँ कीर्ति पताका जय न्यारा।
सबसे प्यारा हिंदूस्तान,
शान तिरंगा रहे हमारा।
बलिदानों की अमर कहानी,
तिरंगा ऊँचा रहे हमारा।
स्वाभिमान धनी आचार विनत,
विज्ञान ज्ञान वतन सँवारा,
हरियाली भारत वसुन्धरा,
तिरंगा ऊँचा रहे हमारा।
अमृत उत्सव आज़ादी का,
लहराए परचम जग सारा।
सीमांत शौर्य निशिदिन हर पल,
जयगान तिरंगा जग प्यारा।
संगीत गीत साहित्य कला,
तिरंगा समाहित विश्व धरा।
वेदोपनिषद श्रीमद्गीता,
काव्य पुराण स्मृति ज्ञान धारा।
चहुँ कीर्ति सफलता नार्यशक्ति,
सम्मान तिरंगा जग सारा।
संघर्ष सृजित स्वाधीन फलित,
कविकान्त ललित भारत प्यारा।
बलिदान प्राण अरमान मनुज
रक्षार्थ तिरंगा नित प्यारा।
हम कालचक्र स्वर्णिम गाथा,
आतुर लेखन जय गीत धरा।
जय हिन्द देश भारत माता,
गिरि तुंग हिमाचल कीर्ति जड़ा।
कर थाम तिरंगा विजयी ध्वज,
राष्ट्र गान निनादित जग सारा।
जयगान वीर परमार्थ नमन,
कर्मवीर तिरंगा दिल प्यारा।
लहराए मूल अधिकार ध्वजा,
सुख शान्ति प्रेम जीवन धारा।
निज गेह वसन अन्नपूर्ण उदर,
बहती ख़ुशियाँ मुस्कान धरा।
समता ममता करुणार्द्र क्षमा,
प्रतिरूप तिरंगा है प्यारा।
परिवार वतन दिल विश्व पटल,
कल्याण चराचर दिल न्यारा।
समुदार चरित विश्वास अटल,
संकल्प तिरंगा है न्यारा॥
धीर वीर साहसी मति संयम,
लहराए तिरंगा नभ सारा।
फिर ज्ञान गुरु जग खिले कुसुम,
यश गान तिरंगा जग प्यारा।

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