तुम्हारे इशारे (गीत)

तुम्हारे इशारों में छुपी कोई कहानी है,
नज़रों की ज़ुबाँ भी कितनी सुहानी है।
लब कुछ न कहें, दिल सब बयाँ करता,
ये इश्क़ भी कितनी अजब रवानी है।

तुम पास हो तो साँसें महक उठती हैं,
हर धड़कन में मधुर-सी निशानी है।
छू जाए जो पलकें तेरे ख़्वाबों की,
हर रात लगे जैसे चाँदनी पानी है।

तुम्हारी हँसी में छुपी शरारत-सी,
दिल की हर आरज़ू भी दीवानी है।
ये दिल्लगी, ये मीठे-मीठे से लम्हे,
हर पल में बसी तेरी ही कहानी है।

इश्क़ की कशिश कुछ यूँ खींचे मुझको,
जैसे रूह को मिलती अपनी जवानी है।
तुम्हारे इशारों में खो जाऊँ मैं यूँ,
जैसे ज़िंदगी बस एक मधुर रवानी है।


लेखन तिथि : 16 अप्रैल 2026
यह पृष्ठ 4 बार देखा गया है
×

अगली रचना

नन्हें क़दम


पीछे रचना नहीं है
कुछ संबंधित रचनाएँ


इनकी रचनाएँ पढ़िए

साहित्य और संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है। आपके द्वारा दिया गया छोटा-सा सहयोग भी बड़े बदलाव ला सकता है।

            

रचनाएँ खोजें

रचनाएँ खोजने के लिए नीचे दी गई बॉक्स में हिन्दी में लिखें और "खोजें" बटन पर क्लिक करें